सरकारी मेहमान बने रहेंगे निर्भया के दोषी !, फिट टली फांसी
एक बार फिर निर्भया के दोषियों की फांसी पर लटकाने की तय तारीख टल गई। एक बार फिर उन्हें जीने के लिए समय मिल गया है।
एक बार फिर निर्भया के दोषियों की फांसी पर लटकाने की तय तारीख टल गई। एक बार फिर उन्हें जीने के लिए समय मिल गया है। बता दें, चारों दोषियों को 1 फरवरी को फांसी दी जानी थी। लेकिन पटियाला हाउस कोर्ट ने अगले आदेश तक फांसी पर रोक लगा दी है।
सुनवाई के दौरान दोषियों के वकील एपी सिंह ने कहा, उनके पास अभी कई कानूनी उपाय मौजूद है। जब तक सभी उपाय इस्तेमाल न हो जाये, तब तक फांसी नहीं दी जा सकती। वहीं दूसरी ओर निर्भया की मां की तरफ से पेश वकील ने फांसी पर लगी रोक के बाद दलील दी है कि दोषी मौत से बचने के लिए ये सारे हथकंडे अपना रहे हैं।

गौरतलब है कि, साल 2012 में Delhi (दिल्ली) की सड़कों पर Nirbhaya (निर्भया) से हुई हैवानियत को आज 7 साल से ज्यादा का वक्त बीत चुका है। लेकिन इसके बावजूद निर्भया के परिवार को इंसाक तो नहीं मिला लेकिन तारीख पर तारीख जरूर मिल रही है। वहीं इस बीच दोषियों की फांसी की सजा मुक्कर करने वाले जज सतीश कुमार अरोड़ा का ट्रांसफर भी किया जा चुका है। बता दें दिल्ली की Patiala House Court (पटियाला हाउस कोर्ट) में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के पद पर तैनात जज Satish Arora (सतीश अरोड़ा) को अब Supreme Court (सुप्रीम कोर्ट) में भेज दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट में अरोड़ा को अतिरिक्त रजिस्ट्रार के तौर पर एक साल के लिए डेपुटेशन पर भेजा गया है। Read More
Comments
Post a Comment