यूपी में नहीं रुक रही कालाबाजारी, लोगों ने अपनाया ये रास्ता
उस समय पूर्ति निरीक्षक थे ही नहीं अगर ग्रामीणों की बात सच है तो पूर्ति निरीक्षक की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है।
गोंडा, यूपी : सरकार चाहे जितना प्रयास कर ले जिले के उच्च अधिकारी भी पूरी ताकत लगा ले। लेकिन स्थानीय स्तर के कुछ खाद्यान्न से जुड़े अधिकारियों की मिली भगत से खाद्यान्न की कालाबाजारी रुकने का नाम नहीं ले रही है। यूपी में गोंडा एक ऐसा जिला है जो खाद्यान्न के क्षेत्र में बहुत ही बदनाम है। इससे मजबूर होकर लगभग डेढ़ वर्ष पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने असरफाबाद बनटाँगिया में कहा था कि गरीबों के हक पर डाका मारने वालों लोगों की जगह जेल होगी बावजूद इसके खाद्यान्न की कालाबाजारी रुकने का नाम ही नहीं ले रही है।
मामला गोंडा जनपद के मनकापुर तहसील के उपाध्यायपुर ग्रण्ट का है। जहां राशन की दुकान का कोटेदार और उसका पुत्र कालाबाजारी करने के उद्देश्य से सरकारी राशन को पिकअप पर लादकर कुडा़सनबाजार की तरफ जा रहा था। कुड़ासन बाजार से थोड़ी दूर पहले मछली गांव मुख्य मार्ग पर ग्रामीणों ने दौड़ाकर उस पिकअप को पकड़ा औरदतौली पुलिस चौकी के सुपुर्दगी में कर दिया। तहसीलदार मनकापुर ने पहुंचकर मौके का जायजा लिया और जिलाधिकारी के अनुमति से एफआईआर दर्ज कराई।
जिन ग्रामीणों ने खाद्यान्न पकड़ा था उनके साथ छोटे बच्चे भी थे। सभी ने अपनी बातों को बेबाकी से मीडिया के सामने रखा। साथ ही ग्रामीणों ने यह भी कहा कि इस क्षेत्र के पूर्ति निरीक्षक कहते हैं कि खाद्यान्न स्कूल से थोड़ी दूर पर पकड़ा गया है। जबकि हम लोगो ने खाद्यान्न पकडा़ है। उस समय पूर्ति निरीक्षक थे ही नहीं अगर ग्रामीणों की बात सच है तो पूर्ति निरीक्षक की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है। जो आज भी खाद्यान्न माफिया को बचाने पर तुले हैं यह एक उच्च स्तरीय जाँच का विषय है। Read More
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