राजनीति का खेल, तीन विचारधाराओं का मेल
अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीति में एक ऐसा नाम बन गए हैं। जिसने राजनीति का पूरा खेल ही पलट दिया।
महाराष्ट्र में विधानसभा का विशेष सत्र शुरू हुआ। जिसमें 288 विधायक शपथ ग्रहण करने पहुंचे। अजित पवार महाराष्ट्र की राजनीति में एक ऐसा नाम बन गए हैं। जिसने राजनीति का पूरा खेल ही पलट दिया। बीजेपी को समर्थन देने के बाद डिप्टी सीएम पद से इस्तीफा देना और फिर बीजेपी की जो किरकिरी हुई वो बीजेपी के लिए कड़ी शिकस्त साबित हुई। रातोंरात सीएम पद की शपथ ग्रहण करने वाले देवेंद्र फडणवीस को महज़ 80 घंटे के अंदर इस्तीफा देना पड़ेगा।
ये शायद किसी ने भी नहीं सोचा होगा और सोचेगा भी कैसे क्योंकि बीजेपी का आत्मविश्वास और अजित पवार के बीजेपी को समर्थन का ऐलान फ्लोर टेस्ट पर बहुमत साबित करने के लिए काफी था। लेकिन विपक्ष के विरोध के बाद जब सुप्रीम कोर्ट ने फ्लोर टेस्ट का अल्टीमेटम तय किया तो सभी राजनीतिक दलों में एक हलचल सी मच गई। विपक्ष ने जो दावे किए वो कहीं न कहीं सच होते नज़र आने लगे।
अब राजनीति का सिंहासन डगमगाने लगा और जब अजित पवार ने डिप्टी सीएम पद से इस्तीफा दिया तो सिंहासन धराशायी हो गया। निश्चित ही सीएम पद की शपथ ग्रहण करने के कुछ ही दिन बाद आज विधानसभा में विधायक की शपथ ग्रहण करना देवेंद्र फडणवीस के लिए बड़ा ही भावुक अनुभव होगा। लेकिन बीजेपी का दावा है कि तीन अलग-अलग विचारधाराओं की सरकार कभी स्थायी सरकार नहीं बन सकती। राजनीति में खेल पलटने में वक्त नहीं लगता और अब तीन विचारधाराएं कब तक एकजुट हो पाएंगी ये देखने वाली बात होगी।
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