भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल ने रचा इतिहास

भारत में क्रिकेट के दिवानों के साथ साथ हॉकी के प्रेमी भी हैं। चाहे हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद का वक्त हो या फिर आज का दौर, हॉकी हर समय लोगों के दिलों में बना रहा।

भारत में क्रिकेट के दिवानों के साथ साथ हॉकी के प्रेमी भी हैं। चाहे हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद का वक्त हो या फिर आज का दौर, हॉकी हर समय लोगों के दिलों में बना रहा। वो बात अलग है कि भारत का राष्ट्रीय खेल होने के बाद भी हॉकी को यहां क्रिकेट जीतना प्यार नहीं मिला।
हॉकी को भारत में गलत नीतियों का शिकार होना पड़ा है। जो स्थान हॉकी को मिलना चाहिए था वो भारत में उसे नहीं मिला। लेकिन युवा पीढ़ी अपनी मेहनत के दम पर इस खेल के गौरव को एक बार फिर से हासिल करने में जुटे हैं। इन्हीं में से एक हैं भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल। जिन्होंने भारत की नहीं बल्कि दुनिया में अपने खेल के जरिए एक अलग पहचान बना ली है।
रानी रामपाल ने इतिहास रचते हुए वर्ल्ड गेम्स एथलीट ऑफ द ईयर पुरस्कार जीत लिया है। इसी के साथ रानी दुनिया की पहली हॉकी खिलाड़ी बन गई है जिसने इस इस अवॉर्ड को अपने नाम किया है। इसे पहले हॉकी के किसी भी खिलाड़ी को ये पुरस्कार नहीं मिला। वर्ल्ड गेम ने इस अवॉर्ड को देने के लिए दुनिया भर के खेल प्रेमियों का सहारा लिया। जिन्होंने अपने पसंदीदा खिलाड़ियों के लिए मतदान किया। जनवरी के महीने में 20 दिनों तक हुए मतदान के बाद रानी रामपाल को नाम इस अवॉर्ड के लिए सामने आया।  Read More

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